POEM : MAHENDRA BHATNAGAR

June 21, 2010

आतंक-मोचन : नव-वर्ष : 2009

कवि : महेंद्रभटनागर

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नूतन वर्ष आया है!

अमन का, चैन का उपहार लाया है!

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आतंक के माहौल से अब मु‌‌‍क् होंगे हम,

ऐसा घना अब और छाएगा नहीं भ्रम-तम,

नूतन वर्ष आया है!

मधुर बंधुत्व का विस्तार लाया है!

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सौगन्ध हैजन-जन सदा जाग्रत रहेगा अब,

संकल्प हैरक्षित सदा भारत रहेगा अव,

नूतन वर्ष आया है!

सुरक्षा का सुदृढ़ आधार लाया है!

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